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परिवर्तन !!

बात आज से कुछ तीन दशक पहले की है, घर में उस दिन ख़ुशी और भय दोनों का माहौल था | ख़ुशी थी की आज ठाकुर साहब की बहु माँ बनने वाली थी और भय इस बात का की क्या ठाकुर साहब आने वाले बच्चे को अपना पाएंगे या नहीं…

ठाकुर जी !!!  ठाकुर गांव के बहुत ही इज़्ज़तदार और ताकतवर या यूँ कहे की गांव के बाहुबली हुआ करते थे | यहाँ कोई भी काम बिना उनके सहमति के नहीं होता था | ठाकुर का एकलौता बेटा भैरव आज से करीब छह महीने पहले एक कार दुर्घटना में मारा गया और अपनी पत्नी को बेसहारा इस बेरहम दुनिया में अकेला छोड़ गया | उस कार दुर्घटना के लिए भी खुद उसकी पत्नी को अशुभ और उसके घर में पड़े कदमो को ही श्रापित ठहराया गया |

भैरव की पत्नी जो की भैरव के मौत के बाद ठाकुर की बहु बन कर रह गयी (जी हाँ, उस समय एक लड़की की खुद की कोई पहचान नहीं हुआ करती थी, उसकी पहचान उसके पिता या उसके पति के नाम से ही हुआ करती थी) |

 

“इस दुनिया में मैं अंजान थी, पति की ही पहचान थी |

न था मेरा कोई भी दोष, फिर भी मैं ही बदनाम थी ||”

 

अब वो अपने जिंदगी का हर एक पल अपने आने वाले बच्चे के इंतज़ार में गुजार रही थी, यही आने वाला बच्चा ही उसके जीने का सहारा था नहीं तो अपने पति के मौत के बाद ही वो ज़हर खाकर खुद की जान देना चाहती थी | अब जब आज वो दिन आ ही गया था तो लोगो को अंदर ही अंदर इस बात का भी भय था की कहीं अगर उसे बेटी पैदा हुई तो ठाकुर उसकी बेटी को मार देगा | वहीँ दूसरी तरफ ठाकुर की बहु कुछ दिन पहले ठाकुर साहब की कही बात से अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए निश्चिंत थी की किस प्रकार वो आने वाले बच्चे को ले कर उत्सुक थे, “बेटी हो या बेटा हम उसे कुछ नहीं होने देंगे, वो हमारे भैरव का खून होगा,हमारा अपना भैरव” |

 

“आने पर उसके दुनिया में, जस्न गांव में कई जून होगा |

चाहे बेटा हो या बेटी हो, वो मेरा अपना ही खून होगा ||”

 

आखिर वो पल भी आ ही गया जब घर में बच्चे की किलकारियां गूंजी, अंदर कमरे से एक बहुत ही बुजुर्ग महिला निकली और बहुत धीरे आवाज में कहा, ” बेटी हुई है ” | यह सुन कर ठाकुर का चेहरा थोड़ा उतर गया पर ठाकुर ने खुद को सँभालते हुए बहुत ही सख्त आवाज में कहा, ” क्या हुआ बेटी हुई, इसके पैदा होने की ख़ुशी में हम पूरे गांव के साथ कल मंदिर में जश्न मनाएंगे | जश्न की तैयारी शुरू की जाये!!” |

 

“बेटी हो या बेटा हो, ये फर्क अब हम मिटायेंगे |

घर आयी मेरे लक्ष्मी है, खूब जश्न हम मनाएंगे ||”

 

अगले सुबह पुरे मंदिर को बहुत ही खूबसूरत तरीके से सजाया गया और शुरू हो गई जश्न की तैयारियां, पूरा गांव जोरशोर से तैयारियों में लगा था | ठीक सुबह १० बजे ठाकुर साहब हाथो में लाल कपडे में लपेटी हुई  सुन्दर सी बच्ची लिए अपनी बहु और अपने कुछ आदमियों के साथ मंदिर में प्रवेश करते है और पुजारी बच्ची की प्रशंसा करते हुए उसे लम्बी उम्र का आशीर्वाद देते है | बच्ची की माँ और पूरा गांव ये देख कर बहुत प्रश्न थे की, किस तरह उस बच्ची की वजह से ठाकुर का मन परिवर्तित हो गया था, किस तरह बेटे और बेटी में इतना फर्क करने वाला ठाकुर आज एक बच्ची को इतना प्यार कर रहा था |

 

“आ कर इस बच्ची ने,पत्थर दिल को भी पिघला दिया |

इस अंधविश्वासी लोगो में, एक नयी सोच जगा दिया ||”

 

आशीर्वाद लेने के बाद ठाकुर बच्ची के साथ ही तैयारियों का जायजा लेने निकल पड़े | कहीं सब्जियां काटी जा रही थी, कहीं चपाती के लिए आंटा, कहीं खीर क लिए दूध उबाला जा रहा था | ठाकुर बच्ची को हाथ में इतने हिफाज़त से लिया था की जैसे वो उस एक दिन की बच्ची में अपने मर चुके हुए बेटे को खोज रहा था, खोज रहा था अपने वंश को, अपने बुढ़ापे के सहारे को | ठाकुर उस बच्ची को इतने प्यार से देख रहा था जैसे उसका जन्मों का प्यार आज उमड़ आया है |

ठाकुर यूँही उस बच्ची के प्यार में डूबे हुए घूमते घूमते सब देख रहे थे पर अचानक न जाने क्या सोच के ठाकुर ने उस छोटी सी मासूम सी बच्ची को उसी उबलते दूध में फेंक दिया, सब कुछ इतना अचानक हुआ की कोई कुछ समझ नहीं पाया और उबलते हुए दूध में उस एक दिन की बेटी ने बिना रोये या आवाज किये ही अपना दम तोड़ दिया |

ठाकुर अपनी बहु की तरफ घूम के जोर से चिल्लाया, ” ये ही श्रापित है मेरे घर के लिए, पहले मेरे बेटे को खा गयी, पर अब जन्म भी दिया तो बेटी……….”

 

मार कर बेटी छोटी सी, कर ताकत का अभिमान नहीं |

ना होगा खुशिया वहां कभी, जहाँ नारी का सम्मान नहीं ||

 

और इसी के साथ पूरे जश्न के माहौल में एक सन्नाटा फ़ैल गया………!!!

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Author:

Not organized, But you will not find it messy. Not punctual, But will be there at right Time. Not supportive, But will be there, when needed. Not a writer, But you will find this interesting.

11 thoughts on “परिवर्तन !!

  1. Rohitttt!! 😲 This makes me cry so bad. The ending is so cruel. 😫 Itna bura bhi koi kar sakta kya. I hate people with this mentality. Aur na wo pehle showoff kiya ki beti hui toh bhi humara hi khoon hai, aur baad me he showed his true colours. I want to kill this man right now. 😣
    And hats off to your story writing skills. It’s too intense. Mere mind se ye cheez jayegi nai ab. 😐😔

    Liked by 1 person

  2. Somewhere we believe it is still happening , log samjhte hi nhi ki ladkiya is better than boys these days 😐😕 ar aisa ulta seedha kaam krte hai 😐 ji jarur even i can kill people like this 🙁😔

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