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कश्मीर !!!

जब हर ओर जलजला था |

डूब रहा सबका गला था ||

न कोई हिन्दू, न कोई मुस्लमान था |

इंसानियत ही सबका ईमान था ||

कहाँ थे शुभचिंतक, ये मानवता के दलाल |

जब बह रहे थे घर, था बहुत बुरा हाल ||

कहाँ थे ये पत्थर, ये आज़ादी के दीवाने |

क्यों न आये तब, ये सबकी जान बचाने ||

चिंता थी तो किताब, न की तलवार देते |

जिहाद की जगह अच्छा संस्कार देते ||

शान ए भारत को और खुशहाल करते |

न कश्मीर को इस कदर बेहाल करते ||

जलते कश्मीर पर सेंक रहे ये सियासी सपने|

कहाँ थे ये जब मदद मांग रहे थी अपने ||

न कोई अफजल, न कोई बुरहान था |

सैनिक ही सबका भगवान था ||

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Author:

Not organized, But you will not find it messy. Not punctual, But will be there at right Time. Not supportive, But will be there, when needed. Not a writer, But you will find this interesting.

2 thoughts on “कश्मीर !!!

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