Posted in Emotions, Hindi, Personal, Poetry

एक ख्वाब !!!

घाटियों के सफर में,
दिन के तीसरे पहर में ।
खुले हुए नयनो से,
एक ख्वाब बुन रहा हूँ मैं ।।

इस रंग बिरंगी दुनिया में,
कोटि कोटि अरमान है ।
उन अरमानो की बगिया में,
कुछ अरमान चुन रहा हूँ मैं ।।

इस धर्म,समाज के हल्लो में,
जो पाप पुण्य के किस्से है ।
किस्सों की इस दुनिया में,
अपनी आवाज़ सुन रहा हूँ मैं ।।

इस साफ़ हसीन यादो में,
जो दिख रही कुछ कालिख है ।
मन की उस कालिख को,
इस बार धुल रहा हूँ मैं ।।

इस मतलब की दुनिया में,
जो काफिले है मतलब के ।
उन काफिलों के लोगो की,
हर बात भूल रहा हूँ मैं ।।

खुले हुए नयनो से,
एक ख्वाब बुन रहा हूँ मैं ।
अरमानो की बगिया में,
कुछ अरमान चुन रहा हूँ मैं ।।

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Author:

Not organized, But you will not find it messy. Not punctual, But will be there at right Time. Not supportive, But will be there, when needed. Not a writer, But you will find this interesting.

35 thoughts on “एक ख्वाब !!!

  1. Such a positive and powerful poem. I loved everything about it, each line inspires me deeply. ☺☺ Specially where you said,
    “किस्सों की इस दुनिया में,
    अपनी आवाज़ सुन रहा हूँ मैं ।।”
    This is so so lovely. Beautiful poem, Rohitt.

    Liked by 1 person

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