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बलात्कार….एक खेल !!

चलो एक खेल खेलते है !
मैं दर्द से चीखूंगी,
तुम मेरा मुँह दबा देना ।
मैं कह ना सकूँ किसी से,
मौत की नींद सुला देना ।
मैं अपनी इज़्ज़त हारूँगी,
तुम अपनी मर्दांनगी जीत लेना ।
मैं शरीर त्याग दूंगी,
तुम हवस की दीवानगी जीत लेना ।

चलो एक खेल खेलते है !
तू मेरी उम्र मत देखना,
और अपनी उम्र से मुँह मोड़ लेना ।
लूट ले मेरी इज़्ज़त मन भर पर,
और माँ-बहनो को छोड़ देना ।।
मन ना भरे जो तेरा तो,
हफ्तों – महीनो कैद कर लेना ।
नेता, पुलिस सबको मिला कर,
अपना काला मन सफ़ेद कर लेना ।।

चलो एक खेल खेलते है !
तू अकेला जीत जायेगा,
पूरी इंसानियत हार जाएगी ।
‘Candle march’ कर के,
दुनिया मुझे क्या ख़ाक न्याय दिलाएगी ।।
मेरी आपबीती पर,
कभी जरा गौर तू फरमाना ।
मेरे दर्द का बस एक हिस्सा,
अपनी बेटी को बताना ।।
जो किया तूने मेरे संग,
उनसब से उसे बचा लेना ।
या रब इतनी सी मिन्नत है की,
मुझे फिर कभी बेटी मत बनाना ।।

चलो एक खेल खेलते है !
तुम मेरा बलात्कार कर देना,
सारे मर्दो को शर्मसार कर देना ।
खुद के कर्मो पर गुमान कर लेना,
ले कर जान मेरी, तू अपना नाम कर लेना
चलो एक खेल खेलते है !

 

Image Credit – Google

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Author:

Not organized, But you will not find it messy. Not punctual, But will be there at right Time. Not supportive, But will be there, when needed. Not a writer, But you will find this interesting.

43 thoughts on “बलात्कार….एक खेल !!

  1. OMG. The goosebumps I had after reading this says it all. I am so proud of you for sharing this with all… For all that is needed right now is our voices to be raised. It is so sad and frightening to hear and read about such inhumanity.
    May all the victims get justice.
    Well done sir.

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  2. AAh dil nikal kar rakh diyha…
    चलो एक खेल खेलते है !
    मैं दर्द से चीखूंगी,
    तुम मेरा मुँह दबा देना ।
    मैं कह ना सकूँ किसी से,
    मौत की नींद सुला देना ।

    Liked by 2 people

  3. बहुत ही दर्दनाक कविता है। सोचिए जब कविता पढ़ने से रोंगटे खड़े हो जाते हैं फिर जिसपर गुजरती है उसको हमारा समाज क्या न्याय दिला पायेगा। शायद यही रीजन है कि आज भी एक माँ बेटी को जन्म देने से खुश नहीं होती क्यों कि उसका भविष्य आज के आधुनिक युग में भी सेफ नहीं। कभी लाचारी कभी हैवानियत हो कुछ भी हो पर बेटी और औरत ही हमेशा बलि चढती हैऔर दुर्भाग्य ये है कि हम इंसानों में ही हैवान भी छुपा है।

    Liked by 2 people

    1. Ji , i agree ko hum dard nhi samjah sakte ar na hi us darindagi ka nyay dila sakte hai……

      Par aage ki baat se main thoda kam taluk rakhta hu🤕 khair koi baat nhi ……khushi hui ki aapne padha ar saraha 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 thank u so much😬☺️

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      1. मैं बस ये कह रही थी कि इंसान के रूप में कब हैवान मिल जाय पता नहीं बड़ी मुश्किल से समाज अब बेटी को जन्म देने में खुशियाँ मनाने लगे हैं और फक्र महसूस करते हैं ऐसा होगा तो एक माँ फिर बेटी जन्म देने से डरेगी बस यही कहना चाह रही थी किस बात के तालुक………. मैं समझ नहीं पायी फिर भी अनजाने में मेरे शब्द दुःख पहुंचाएं हो तो माफ कीजिएगा। मैं समाज की बात कर रही थी मेरा किसी पर्सनल व्यक्ति को दुख पहुंचाने का कोई उद्देश्य नहीं था।

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  4. I couldn’t ..just like this post..this topic is something which has been on my mind for quite a long time,and everytine i see that innocent face with cheeks thar reflected of rose petals,I am astonished to think,that what world we are living in,to fulfill lust by snatching away every ounce of life from a child.Nobody is safe as long such cunning and tyrannical men continues to live.Everyday we are killing,and torturing the girl child,we hear every day of rapes,abuses,female foeticide killing.We are the 20th century,but I guess some humans are still from 10th century.After hundred thousand marchs,we are still the country which saw 16th december to the rape of a 8 year old girl,and the irony is, it should be the goverment which takes strict action against such beasts,but we have to force,Nobody cares unless something like this happens with their family members.We are just’Commoners’,with only a mouth to criticise and lament,cause we can’t do anything unless one day we became Nirbhaya or that little girl.

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  5. Yes you are cent% true & your way of expression is also fabulous. I have written a post on same matter. Please check & follow. Also give your opinion in my post.

    जिन्स पहनने से रेप हुआ
    अब हिजाब वालों को भी नहीं छोड़ा
    रात को बाहर जाने से रेप हुआ
    अब तो घर के अंदर वालों को भी नहीं छोड़ा

    https://wp.me/p8hgnL-2V

    Liked by 2 people

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