Posted in Feellings, Hindi, Personal, Poetry, social

Ek Sham !!!

मुद्दतो बाद, खुले आसमान में ,
एक हसीं शाम लिए बैठा हूँ |
बेफ़िक्रों के माफ़िक़, तक रहा परिंदो को,
ना कोई सोच, ना कोई काम लिए बैठा हूँ ||

चाहत, अरमान और ख्वाहिशों को छोड़ कर,
ना कोई दुआ, ना कोई सलाम लिए बैठा हूँ |
आज़ाद कर खुद को, फ़िक्रों से आज,
ना कोई दर्द, ना कोई इंतकाम लिए बैठा हूँ ||

शून्य कर खुद के दिलो दिमाग को,
खुद को खोजने आज, बिन ज़ाम लिए बैठा हूँ |
एक अरसा बीत गया इसे, उसे और सबको खुश करते,
भूल कर सब, बस अपना ही नाम लिए बैठा हूँ ||

कहने को तो एक शाम है, हर रोज़ जैसा,
पर कुछ पल खुद को इनाम दिए बैठा हूँ |
मुद्दतो बाद, खुले आसमान में ,
एक हसीं शाम लिए बैठा हूँ ||

Posted in Emotions, Hindi, life, Personal, Poetry, social

बातें !!!

बातें !
कितनी अजीब होती है,
हसांती है,
रुलाती है,
बुरी लग जाये तो,
लोगो के मुँह फुलाती है !!

बातें !
कितनी हसीन होती है,
दुःखों में तो रुला जाती है,
ख़ुशी में नचा जाती है,
वक़्त पर कह दो, कई दफा,
कई रिश्ते बचा जाती है ।।

बातें !
कितनी दमदार होती है,
ख़ुशी को बढ़ा देती है,
गम को बाँट देती है,
दिल से करो गर किसी से,
मिलो की दूरी पाट देती है ।।

बातें !
कितनी खतरनाक होती है,
कुछ को बदनामी देती है,
घायल कर रूह को, निशानी देती है,
कहने को तो सिर्फ कुछ बात है,
पर जिंदगी भर की कहानी देती है ।।

Posted in Emotions, Hindi, Personal, Poetry, social, story

दूर तक जाना है !!

कुछ पाया है, कुछ अभी पाना है,
आँखों में ख्वाब है, ख्वाहिशो का ठिकाना है ।
लड़खड़ा जाये कदम तो, डरना नहीं ,
एक सफर है ये, बहुत दूर तक जाना है ।।

हौसलों का साधन है, अरमानो का आशियाना है,
कुछ सीख है, कुछ जिंदगी का अफसाना है ।
रुका हूँ कुछ पल, जिंदगी का लुत्फ़ उठाने को,
थका नहीं हूँ, अभी तो जीतने को जमाना है । ।

Posted in Hindi, Personal, Poetry

रंग !!

हर तरफ “इश्क़” में रंगा आसमान होगा ।
वो मुझमे थी , और उसमे सारा “जहान” होगा ।

Har taraf “ISHQ” me ranga asman hoga

wo mujhme thi aur usme sara “Jahan” hoga

Posted in Emotions, Hindi, Love, Personal, Poetry

कभी-कभी ।।

यूँ तो खामोश हूँ,
पर कुछ बात उमड़ती है ।
कभी-कभी ।।

सो जाता हूँ अक्सर,
बिन सोये कुछ रात गुजरती है ।
कभी-कभी ।।

पता है तुम्हे,चमक है तुम में ।
जो मेरे आँखों में चमकती है,
कभी-कभी ।।

एक खुशबू है तुम में ।
जो मेरी रूह में महकती है,
कभी-कभी ।।

कुछ बात है तुम में ।
जो मेरी ख़यालात से मिलती है,
कभी-कभी ।।

बंजारन हो तुम ।
जो मेरे मन में भटकती है,
कभी-कभी ।।

दीपक की ज्योति हो तुम ।
जो अँधेरा भगाती है मेरा,
कभी-कभी ।।

परी हो तुम ।
जो मेरे सपनो में उड़ती हो,
कभी-कभी ।।

वैसे तो ज़ज्बात बहुत है ।
पर अब लिखता हूँ बस,
कभी-कभी ।।

Posted in Hindi, Personal, Poetry, story

अलग हूँ थोड़ा !!

अलग हूँ थोड़ा,
हँसता हूँ, मुस्कुराता हूँ ।
झूठ नहीं बोलता,
बस कुछ बातें छुपाता हूँ ।।

मजबूत हूँ वैसे,
कभी कभी कमजोर पड़ जाता हूँ ।
रोता नहीं हूँ,
खामोश हो जाता हूँ ।।

अलग हूँ थोड़ा,
हँसता हूँ, मुस्कुराता हूँ ।
रोशन करने को सारा जहां,
खुद के अरमान जलाता हूँ ।।

निडर हूँ मैं,
कभी कभी सिहर जाता हूँ।
टूटता नहीं कभी,
बस थोड़ा सा बिखर जाता हूँ ।।

अलग हूँ थोड़ा,
हँसता हूँ, मुस्कुराता हूँ ।
झूठ नहीं बोलता,
बस कुछ बातें छुपाता हूँ ।।

Image Credit – Google

Posted in Emotions, Hindi, life, Personal, Poetry, social

मैं जागता रहा..!!!

खामियाज़ा सपनो का,
कुछ यूँ भुगतता रहा |
रात ढलती रही,
और मैं जागता रहा ||

ख्वाहिशो के पीछे,
इस कदर लगता रहा |
वक़्त गुजरता रहा और मैं,
मौत की तरफ भागता रहा ||

जिंदगी की दौड़ में,
हर रोज़ फंसता रहा |
देख दुनिया को मैं,
खुद पर ही हँसता रहा ||

साख बनाने को समाज में,
खुद का अरमान घुटता रहा |
सांस लेता रहा पर,
जिंदगी जीना छूटता रहा ||

सब “ठीक है” कह कर,
खुद को ही ठगता रहा !
रात ढलती रही,
और मैं जागता रहा…………..||

Posted in Feellings, Hindi, Personal, Poetry

अनकहे अल्फ़ाज़ !!!

मन में कोई हिचक नहीं,
जाओ दिल की बात कह दो |
घुमा-फिरा के चंद शब्द नहीं,
इत्मीनान से पूरी किताब कह दो ||
डर डर के कुछ झूठ नहीं,
सच्चे दिल के अल्फ़ाज़ कह दो |
रूठने, छूटने का गम नहीं,
खुद में छुपी हर बात कह दो ||

छोड़ के अपने अहम् को,
जाओ दिल के जज़्बात कह दो |
तोड़ के वक़्त की पाबन्दी,
हर दिन,हर पहर, हर रात कह दो ||
दूर जाने के पहले किसी के,
अपने मन के हर एक एहसास कह दो |
घुट-घुट के क्यों जीना है,
खुद के विचारो को आज़ाद कह दो ||

छोड़ 4 लोगो की चिंता को,
जाओ, दिल की बात कह दो |
होठ की सारी मुस्कुराहट और,
आँखों की सारी बरसात कह दो ||
जाओ,उठो, आज और अभी
प्यार माफ़ी या कोई ग़लतफ़हमी |
छोड़ डर, खौफ और घबराहट को
मुस्कुराओ, और दिल की बात कह दो ||

निकाल के सारे जज़्बात को,
रिश्ते, मन सब साफ़ कर दो |
जाओ, सब कुछ माफ़ कर दो,
आज, कल और परसो नहीं
अभी , इसी वक़्त और
एक साथ कह दो ||
मन में और कोई हिचक नहीं ,
जाओ सब कुछ साफ़ कह दो |
दिल क ज़ज़्बात और
मन के सारे अल्फ़ाज़ कह दो ||